top of page
Leaves Shadow

ब्रह्मा के ऊर्जा का स्त्रोत विद्युत और चुंबकीय शक्तियों से है | यह शक्तियां समय के साथ न्यूनतम और अधिकतम स्तर के भीतर ऊपर नीचे होते रहती हैं | एक सेकंड में कितनी बार यह विद्युत अथवा चुंबकीय शक्ति अधिकतम से न्यूनतम और पुनः अधिकतम स्तर पर आती है उसे हम उसकी आवृत्ति या frequency कहते हैं इसी पर ब्रह्मा की ऊर्जा भी निर्भर है | रोशनी जो हम आंखों से देख सकते हैं उसमें नीले रंग की 7*10^14 आवृत्ति होती है और लाल के 4*10^14 होती है अर्थ नीले रोशनी में ब्रह्मा की विद्युत अथवा चुंबकीय तरंगे एक सेकंड में 700000000000000 बार अधिकतम से न्यूनतम और पुनः अधिकतम संख्या पर आती है और लाल रोशनी में ब्रह्मा की विद्युत अथवा चुंबकीय तरंगे 400000000000000 बार अधिकतम से न्यूनतम और पुनः अधिकतम संख्या पर आती हैं | आवृत्ति जितनी अधिक होती है ब्रह्मा के 1 कण की ऊर्जा उतनी ही अधिक होती है |इस प्रकार से ब्रह्मा के विद्युत चुंबकीय तरंगों की आवृत्ति के अनुसार हम उसे कम से अधिक ऊर्जा तक विभाजित करते हैं | 

emfspectrum.jpg
bottom of page