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 संपूर्ण ब्रह्मांड ब्रह्मा से निर्मित है | ब्रह्मा सभी भौतिक व अदृश्य जगत का मूल तत्व है | अंग्रेजी में ब्रह्मा को फोटोन कहते हैं | ब्रह्मा एक विद्युत चुंबकीय तरंग है (electromagnetic wave) और यह पूर्ण ऊर्जा है, इसका कोई भार नहीं है | रोशनी जो हम देख सकते हैं ,उसके कण भी ब्रह्मा है | ब्रह्मा सर्वदा एक गति जोके रोशनी की गति है (300000000 मीटर प्रति सेकंड) से गतिमान रहता है | ब्रह्मा पूर्ण ऊर्जा है उसके ऊर्जा का स्त्रोत विद्युत शक्ति और चुंबकीय शक्ति (electric and magnetic field) से है |

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ब्रह्मा चैतन्य युक्त है अर्थात अपने संकल्प शक्ति से भौतिक जगत का निर्माण करने का सामर्थ्य ब्रह्मा में है | आधुनिक विज्ञान में भी ब्रह्मांड के उत्पत्ति में बिग बैंग विस्फोट से सृष्टि का निर्माण हुआ जिससे ब्रह्मा (फोटोन) संपूर्ण सृष्टि में फैल गए | इसके अतिरिक्त ब्रह्मा के पारस्परिक संबंध (mutual interaction) में यदि पर्याप्त ऊर्जा हो तो भौतिक पदार्थ बन सकते हैं | उदाहरण के तौर पर दो ब्रह्मा के पारस्परिक संबंध में इलेक्ट्रॉन और पॉजिट्रोंस बन सकते है जोकि आधुनिक विज्ञान में मैटर और एंटी मैटर कहे जाते हैं | उसी प्रकार quark(मैटर) और antiquark(एंटी मैटर) भी बन सकते हैं | और इन्हीं मैटर पदार्थों के पारस्परिक संबंधों से प्रोटॉन न्यूट्रॉन इलेक्ट्रॉन और उस के ऊपर इनसे मिलकर एटम फिर एटम से मिलकर मॉलिक्यूल और संपूर्ण भौतिक जगत जो इंद्रियों से प्राणी देख सकता है इसी से निर्मित हैं |

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तो इस प्रकार से संपूर्ण सृष्टि का मूल तत्व ब्रह्मा ही है | ऊर्जा को बनाने अथवा नष्ट करने की क्षमता किसी में नहीं है अर्थात जो कुल ऊर्जा ब्रह्मा की सृष्टि के आरंभ में थी वही कुल ऊर्जा आज भी है यद्यपि यह ऊर्जा एक रूप से दूसरे में परिवर्तित होती रहती है | कहने का तात्पर्य यह है की सृष्टि का निर्माण ब्रह्मा से ही हुआ है ब्रह्मा सभी का मूल तत्व है सभी पदार्थ ब्रह्मा से ही जोड़कर बने हैं ; अंत में सभी को ब्रह्मा में ही विलीन होना है | 

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